English translation in Comments…
हुआ मुहाल करना इज़हार-ए-मुहब्बत
फ़ेर लिया मुँह उसने अपनी फ़तह के बाद
करता रहा इंतज़ार सुनेंगें वो बात मेरी
सुना दिया फ़ैसला अपनी ज़िरह के बाद
क्या ख़ूब सँवारी वो उलझी ज़ुल्फ़ मैंने
उलझती गयी ज़िन्दगी हर गिरह के बाद
क्या परख़ते उनकी बातों की सच्चाई
खुल गयी कलई उनकी सतह के बाद
देख लेता जी भर के उस रोज़ उन्हें अमित
जानता गर नहीं मिलेंगें वो विरह के बाद
In response to: Reena’s Exploration Challenge # 142

Excellent translation, dear.
LikeLiked by 1 person
Thank you so much!
LikeLiked by 1 person
My pleasure.
LikeLiked by 1 person