English translation in Comments …
वक़्त की आँधी में कुछ नहीं टिकता
हमनें दरख्तों को उखड़ते देखा है
कौन ले जा सका है साथ जमीन
फिर भी भाइयों को लड़ते देखा है
क्या पकड़ सकता है मुट्ठी में अपनी
बच्चे को परछाई पकड़ते देखा है ?
उम्र भर अकड़ कर जिया था जो
उसे अपने बच्चों से डरते देखा है
वो बिन हमारे जीना सीख गया अमित
जिसे हमने खुद पे मरते देखा है
In response to: Reena’s Exploration Challenge # 133
