English translation in Comments ….
पी लिया है तेरे इश्क़ का ज़हर
नहीं दरकार मुझे दवा कोई
इतर सा बिखरा है फिज़ाओं में
छूकर आयी है तुझे हवा कोई
है बेचैनी सी सुबह से ही आज
हुए अरमान फिर जवां कोई
ये आँसूं मेरे अब बहते ही नहीं
कर सकता नहीं ग़म रवां कोई
बैठा है अमित तेरे इंतज़ार में
फिर दिखा अपना जलवा कोई
In response to: Reena’s Exploration Challenge # 132
