फ़ासला क्यों है

hecblogger’s contribution to Exploration Challenge #107 – Unbridgeable

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हम दोनों के दरमियान
क्या हुई वो चाहतें
अब यह फ़ासला क्यों है ।१।

बढ़ाऊँ भी मैं हाथ अगर
अब नहीं थामोगे तुम
टूटा हुआ हौंसला क्यों है ।२।

कायनात है क़दमों में मेरे
तो फिर दिल में यह
एहसास-ए-ख़ला क्यों है ।३।

गर इतना ही बुरा हूँ मैं
फिर सुनकर नाम मेरा
सांसों में ज़लज़ला क्यों है।४।

रोज़ आती है रात मगर
नींद नहीं आती अमित
ऐसा यह सिलसिला क्यों है ।५।

In response to: Reena’s Exploration Challenge #107

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