English translation in Comments section….
किस सिम्त देखूँ
सामने है ज़िन्दगी
और तू पीछे कहीं
वो न छोड़े मुझे
कैसी विडम्बना
तू अपनाये नहीं
कशमकश में हूँ
साँसें हैं मेरी या
कहीं गिरवी रखी
देखूँ आसमां तो
दुआ करे दिल मेरा
न टूटे तारा कोई
चुभता हूँ अब भी
आँखों में तेरी अमित
है यह कैसी नमी
In response to: Reena’s Exploration Challenge # 76
