Amit Agrawa’s (hecblogger) response to the Exploration Challenge – English translation given in Comments.
मत छोड़ कर जा मुझे यूँ तन्हा
कि तेरा महबूब, तेरा माज़ी हूँ मैं ।१।
जो भी चाहे सज़ा दे मुझे
अब हर एक सितम को राज़ी हूँ मैं ।२।
क्यों गिनाती हो तुम मुझे गुनाह मेरे
तेरा शरीक़-ए-गुनाह, तेरा क़ाज़ी हूँ मैं।३।
है दुनिया की हर शह क़दमों में तेरे
जो हार गयी हो, वह बाज़ी हूँ मैं ।४।
निकाला गया था खुल्द से आदम अमित
तो क्या उस से बड़ा पाज़ी हूँ मैं ।५।
In response to: Reena’s Exploration Challenge # 72
