English translation of the poem in Comments section…
तुझ तक पहुँच नहीं सकता
जहाँ तू रहती है
इमारत देखता हूँ मैं
हर ज़र्रे में वुजूद तेरा
कहीं तस्वीर तेरी कहीं
इबारत देखता हूँ मैं
गए वो प्यार में मरने वाले
अब इश्क़ के बाज़ार में
तिज़ारत देखता हूँ मैं
सारी रात जागी है तू भी
तेरी आँखों में खुमार
हरारत देखता हूँ मैं
दे और एक ज़ख्म अमित
ख़ून-ए-जिग़र करने का तुझमें
महारत देखता हूँ मैं
In Response to: Reena’s Exploration Challenge # 69
