अब

hecblogger's avatarPlaying with words

अभी अभी तो दिल टूटा है
अब रिसते हैं घाव मेरे पर

कब तक टिकेगा यह अब ।१।

हो जाएगी चोट पुरानी
घाव छोड़ जायेंगे निशानी

कौन सँभालेगा मुझको तब।२।

क्या तब भी कोई टीस उठेगी
क्या होगा फिर घाव हरा

जिक्र तेरा कोई करेगा जब।३।

पर आह नहीं निकलेगी कोई
नहीं होगी रुसवाई तेरी

सिल लूँगा मैं अपने लब ।४।

समेट लूँगा इन पलों को
बसा लूँगा अपनी यादों में

अमित कर दूँगा यह अब ।५ ।

In response to:Reena’s Exploration Challenge #Week 52

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